– मुख्यमंत्री डॉ. यादव नागदा में श्रीराम दरबार प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल
– मध्यप्रदेश में विकसित हो रहे श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय
– इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में नागदा-धार-रतलाम भी शामिल

भोपाल/उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 जून को उज्जैन के नागदा के बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा व ध्वज पूजा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बना है। दुनिया देख रही है कि कैसे दूसरी सरकारों ने इस मंदिर की राह में रोड़े अटकाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सरयू के किनारे भव्य मंदिर निर्माण हुआ और हमारा 500 वर्ष का लंबा संघर्ष पूर्ण हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण 11 वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। राज्य सरकार दो हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य चित्रकूट धाम का निर्माण कर रही है। प्रदेश में जहां-जहां प्रभु श्रीराम के चरण पड़े, हमारी सरकार उन्हें श्रीराम वन गमन पथ में शामिल कर विकसित कर रही है। भगवान श्री गोपाल कृष्ण से संबंधित धर्म स्थलों को भी श्रीकृष्ण पाथेय के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए हजारों करोड़ के विकास कार्य तेजी से पूर्ण किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन, इंदौर और आसपास के सभी जिलों में विकास को गति मिल रही है। इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाजी धाम में फर्श, बाउंड्री बाल और पेयजल जैसी सभी बुनियादी व्यवस्थाएं करने की घोषणा की।

*दूध उत्पादन को 12% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य*
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के विराट व्यक्तित्व से हमें मानवीय मूल्यों के साथ जीवन जीने की सीख मिलती है। प्रभु श्रीराम त्याग की प्रतिमूर्ति थे, वे एक आदर्श पुत्र, आदर्श पिता, आदर्श भाई थे। राम राज्य में नागरिकों को किसी चीज की कोई कमी नहीं थी। इसी भावना के साथ हमारी सरकार गरीब, किसान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण द्वारा अंत्योदय के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। हनुमान जी के जीवन का प्रत्येक क्षण प्रभु श्रीराम के लिए समर्पित था। हमें हनुमान जी के जीवन की अच्छाइयों को धारण करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने गोपाल कृष्ण को आदर्श मानते हुए घर-घर गाय और दूध उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की है। योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपए अनुदान का प्रावधान किया है। प्रदेश में दूध उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। राज्य में प्राकृतिक खेती और गोपालन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति गाय 1100 रुपए महीना सहायता दी जाएगी।

Mukesh Mehta
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