11 अक्टूबर से शुरू होंगे शारदीय नवरात्र, इस बार पूरे नौ दिन होगी देवी आराधना

 

मुकेश मेहता

सीहोर। अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा। इस बार नवरात्र की शुरुआत रविवार को चित्रा नक्षत्र में होगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रविवार को नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से हाथी को स्थायित्व, सुख-समृद्धि, वैभव और आर्थिक प्रगति का प्रतीक माना गया है। ऐसे में इस बार के नवरात्र को सुख-समृद्धि और कल्याण की दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।

 

बाला जी ज्योतिष अनुसंधान केंद्र, सीहोर के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा के अनुसार श्रीमद् देवी भागवत की मान्यता में नवरात्र के प्रथम दिन पड़ने वाले वार के आधार पर देवी के वाहन का निर्धारण किया जाता है। रविवार को नवरात्र आरंभ होने के कारण इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी।

 

आर्थिक प्रगति के साथ उतार-चढ़ाव के भी संकेत

 

पंडित शर्मा के अनुसार हाथी को स्थायित्व और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस बार का नवरात्र आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अनुकूल रहने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस अवधि में आर्थिक क्षेत्र में वृद्धि के साथ कुछ क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव की स्थिति भी बन सकती है। भारतीय निर्यात नीति और उससे जुड़े आर्थिक पक्षों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है।

 

इस बार पूरे नौ दिन रहेगा नवरात्र पर्व

 

इस बार नवरात्र में किसी भी तिथि का क्षय नहीं होने के कारण पर्व पूरे नौ दिनों तक चलेगा। पंडित शर्मा ने बताया कि नवरात्र के पूरे नौ दिन रहने का साधकों और उपासकों के लिए विशेष महत्व है। इस दौरान देवी आराधना, व्रत, अनुष्ठान और संकल्प आदि किए जाएंगे।

 

गृहस्थ परिवारों में कुल परंपरा के अनुसार देवी की पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास और साधना के माध्यम से मां दुर्गा की आराधना करेंगे।

 

तीन प्रमुख शुभ योगों का रहेगा संयोग

 

नवरात्र के दौरान कई शुभ योगों का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा के अनुसार अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवियोग को देवी साधना एवं शुभ कार्यों के लिए विशेष माना जाता है।

 

14 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि पर अमृत सिद्धि योग रहेगा। वहीं 18 अक्टूबर को सप्तमी और 19 अक्टूबर को महाअष्टमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा। इन तिथियों पर रवियोग का भी संयोग बताया गया है।

 

खरीदारी और शुभ कार्यों के लिए भी शुभ समय

 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन शुभ योगों में देवी आराधना और साधना के साथ भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन, आभूषण और वस्त्र आदि की खरीदारी भी की जा सकती है। नवरात्र के दौरान शुभ योगों के संयोग को नए कार्यों के शुभारंभ के लिए भी अनुकूल माना जाता है।

 

धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा पर्व

 

नवरात्र के नौ दिन मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु अपनी कुल परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घट स्थापना, अखंड ज्योति, व्रत, दुर्गा सप्तशती पाठ और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार पूरे नौ दिन नवरात्र रहने और शुभ योगों के संयोग के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहने की उम्मीद है।

 

इनका कहना

 

«”इस बार नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं, इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का वाहन हाथी रहेगा। हाथी सुख-समृद्धि, स्थायित्व और वैभव का प्रतीक माना जाता है। साथ ही नवरात्र में किसी तिथि का क्षय नहीं होने से पूरे नौ दिन देवी आराधना का अवसर मिलेगा।”»

 

— पंडित सौरभ गणेश शर्मा, ज्योतिषाचार्य, बाला जी ज्योतिष अनुसंधान केंद्र, शास्त्री कॉलोनी, स्टेशन रोड, सीहोर

9229112381

Mukesh Mehta
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