200 से 300 किलोमीटर की पदयात्रा कर माता के दर्शन करने पहुंच रहे भक्त, सीढ़ी मार्ग से लेकर रोपवे तक श्रद्धालुओं की आवाजाही; मंदिर में भक्ति और उत्साह का माहौल

 

मुकेश मेहता | रेहटी (सीहोर)।

 

शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां विजयासन धाम सलकनपुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के दूसरे दिन भी माता रानी के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह से ही मंदिर परिसर और पहाड़ी पर भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई, जो दिनभर जारी रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां विजयासन के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। अनुमान के मुताबिक, दूसरे दिन करीब 30 हजार श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचे।

 

नवरात्रि के दौरान पूरे सलकनपुर धाम में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। मंदिर परिसर में माता के जयकारों के बीच श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कोई परिवार के साथ माता के दरबार में हाजिरी लगाने आया है, तो कोई अपनी मनोकामना लेकर लंबी यात्रा तय कर रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद नवरात्रि की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं।

 

200 से 300 किलोमीटर की पदयात्रा कर पहुंच रहे श्रद्धालु

 

मां विजयासन के प्रति भक्तों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर सलकनपुर पहुंच रहे हैं। कुछ श्रद्धालु 200 से 300 किलोमीटर तक की पदयात्रा कर माता के दरबार में हाजिरी लगाने आ रहे हैं। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते हैं और धाम पहुंचकर दर्शन करने के बाद अपनी यात्रा को सफल मानते हैं।

 

पदयात्रियों के जत्थे श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मां विजयासन के प्रति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण की भावना से ओतप्रोत इन भक्तों के लिए नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि अपनी आस्था प्रकट करने का विशेष अवसर भी है। कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने की कामना लेकर आते हैं, तो अनेक भक्त माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए दर्शन करने पहुंचते हैं।

 

पहाड़ी पर विराजमान हैं मां विजयासन, प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाती है धाम की भव्यता

 

सलकनपुर स्थित मां विजयासन धाम प्रदेश के प्रमुख देवी तीर्थस्थलों में गिना जाता है। यह मंदिर एक खूबसूरत पहाड़ी पर स्थित है। पहाड़ी की प्राकृतिक छटा, आसपास का मनोरम वातावरण और मंदिर की धार्मिक महत्ता श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। नवरात्रि के दिनों में यहां का दृश्य विशेष रूप से मनमोहक हो जाता है। चारों ओर श्रद्धालुओं की चहल-पहल, माता के जयकारे और पूजा-अर्चना से पूरा क्षेत्र भक्तिमय दिखाई देता है।

 

मां विजयासन को शक्ति, साहस, विजय और कल्याण की प्रतीक देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां के दरबार में प्रार्थना करने वाले भक्तों को माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्रि में देवी आराधना का विशेष महत्व होने के कारण यहां श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। भक्त माता के दर्शन कर अपने परिवार की रक्षा, सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और जीवन में सफलता की प्रार्थना करते हैं।

 

1400 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचते हैं भक्त, सड़क मार्ग और रोपवे भी उपलब्ध

 

मां विजयासन के दर्शन के लिए सलकनपुर धाम में श्रद्धालुओं को अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध हैं। भक्त पारंपरिक सीढ़ी मार्ग से पहाड़ी पर चढ़कर मंदिर तक पहुंच सकते हैं। इस मार्ग में लगभग 1400 सीढ़ियां हैं। अनेक श्रद्धालु माता के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सीढ़ियां चढ़कर दर्शन करने पहुंचते हैं।

 

इसके अलावा सड़क मार्ग से भी मंदिर तक पहुंचने की सुविधा है। वहीं, रोपवे की सुविधा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इससे बुजुर्गों, बच्चों और उन श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलती है, जिन्हें सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है। अलग-अलग मार्गों की उपलब्धता से श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार यात्रा कर माता के दर्शन कर सकते हैं।

 

मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की व्यवस्थाएं सुचारु

 

नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और शासन-प्रशासन की व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने, मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने और भक्तों को सुविधाजनक दर्शन कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।

 

नवरात्रि के दूसरे दिन भी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहीं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु दर्शन कर वापस लौटते नजर आए। हालांकि, नवरात्रि के आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि किसी भी भक्त को असुविधा का सामना न करना पड़े।

 

नवरात्रि में नौ दिनों तक रहेगा भक्ति का विशेष रंग

 

शारदीय नवरात्रि देवी शक्ति की आराधना का प्रमुख पर्व है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु व्रत, पूजा-पाठ, दुर्गा सप्तशती के पाठ और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मां दुर्गा की उपासना करते हैं। सलकनपुर धाम में भी नवरात्रि के साथ श्रद्धा और भक्ति का उत्सव अपने पूरे स्वरूप में दिखाई देने लगा है।

 

दूसरे दिन करीब 30 हजार श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने धाम में भक्तों की आस्था और उत्साह को दर्शाया। लंबी पदयात्रा कर पहुंचने वाले श्रद्धालु हों या परिवार के साथ दर्शन करने आने वाले भक्त, सभी के लिए मां विजयासन का दरबार श्रद्धा और विश्वास का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी सलकनपुर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के साथ पूरा धाम मां की आराधना और जयकारों से गूंजने की उम्मीद है।

Mukesh Mehta
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