मुकेश मेहता

रेहटी। क्षेत्र के एकमात्र शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की भारी कमी मरीजों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 300 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर मरीजों को समय पर और उचित उपचार कैसे मिलेगा?

 

जानकारी के अनुसार, रेहटी स्वास्थ्य केंद्र में 8 एमबीबीएस डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल एक एमबीबीएस डॉक्टर ही पदस्थ हैं। इसके अलावा आयुष और डेंटिस्ट डॉक्टरों के भरोसे अस्पताल की व्यवस्था संचालित की जा रही है।

 

बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से अस्पताल की अधिकांश जिम्मेदारी आयुष और डेंटिस्ट डॉक्टरों को संभालनी पड़ रही है। जबकि अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाएं, आपातकालीन स्थितियां और गंभीर मरीजों का दबाव भी लगातार बना रहता है।

 

सबसे बड़ी समस्या यह है कि पोस्टमार्टम जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए एमबीबीएस डॉक्टर का होना अनिवार्य है। ऐसे में यदि अस्पताल में केवल एक ही एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद है तो 24 घंटे की लगातार ड्यूटी के बाद दूसरे दिन स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन प्रभावित होना स्वाभाविक है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि रेहटी अस्पताल शुरू से ही डॉक्टरों की कमी से जूझता रहा है। समय-समय पर डॉक्टरों की नियुक्ति के दावे किए गए, लेकिन स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। वर्तमान में स्वीकृत पदों के मुकाबले सात डॉक्टरों का अस्पताल में नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

 

जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं दे रहे जवाब

 

इस संबंध में जब बुधनी के बीएमओ से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो कई बार फोन करने के बावजूद संपर्क नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी फोन उठाने से बचते हैं, जिससे आम लोगों और पत्रकारों को सही जानकारी नहीं मिल पाती।

 

लोगों का कहना है कि यदि अधिकारी जनता के सवालों का जवाब ही नहीं देंगे तो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार कैसे होगा? स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रेहटी अस्पताल में डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति करनी चाहिए।

 

जनता ने उठाए ये सवाल

 

– जब 8 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं तो 7 डॉक्टर कहां हैं?

– 300 से अधिक मरीजों का उपचार आखिर कौन करेगा?

– एक डॉक्टर के भरोसे 24 घंटे अस्पताल कैसे संचालित होगा?

– आपातकालीन स्थिति में मरीजों को कौन संभालेगा?

– स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर समस्या का समाधान कब करेगा?

 

रेहटी क्षेत्र की हजारों की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है। ऐसे में यदि समय रहते डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं की गई तो मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा।

Mukesh Mehta
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