अभी तक नहीं हुआ शव बरामद खाली हाथ विभाग

मुकेश मेहता

रेहटी/बुधनी। रेहटी थाना क्षेत्र के ग्राम चकल्दी में वन्यजीव संरक्षण से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। खेतों में पहुंचे एक मगरमच्छ की मौत को लेकर ग्रामीणों और वन विभाग के बीच अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। घटना के  तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के चलते जल स्रोतों के प्रभावित होने से एक मगरमच्छ खेतों की ओर पहुंच गया था। खेतों में मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ को लेकर लोगों में भय का माहौल बन गया और इसी दौरान उसके साथ मारपीट किए जाने की बात सामने आई है।

वायरल हो रहे  तस्वीरों में कुछ लोग मगरमच्छ के आसपास दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वन विभाग का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तस्वीरो के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मगरमच्छ की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में मगरमच्छ के पहुंचने से किसानों और मजदूरों में दहशत फैल गई थी। उनका दावा है कि उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता थी, क्योंकि खेतों में लगातार लोगों की आवाजाही बनी रहती है।

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीहोर वन मंडल की टीम सक्रिय हो गई है। डीएफओ अर्चना पटेल के निर्देश पर वन विभाग के अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। वायरल तस्वीरों  के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है तथा पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना के बाद से मगरमच्छ का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका है। वन विभाग की टीम संभावित स्थानों पर तलाश कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सामान्य वन मंडल रेहटी और वन विकास निगम के अधिकारी लगातार क्षेत्र में तलाश अभियान चला रहे हैं। वन विभाग की कई टीमें संभावित स्थानों, खेतों, नालों, जल स्रोतों और आसपास के जंगल क्षेत्र में मगरमच्छ के शव की खोज में जुटी हुई हैं। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है तथा वायरल  तस्वीरों के आधार पर घटनास्थल और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि शव मिलने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में पहुंचने पर तत्काल विभाग को सूचना दें, ताकि रेस्क्यू टीम द्वारा सुरक्षित कार्रवाई की जा सके। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Mukesh Mehta
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